रायपुर के अंबेडकर अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो अस्पताल के उस हिस्से का है जहां कोविड संक्रमित मृतकों के शव रखे जा रहे हैं। वीडियो के मुताबिक शवों को रखने के लिए फ्रीजर में जगह नहीं है। कुछ शव आसमान के नीचे धूप में स्ट्रैचर पर तो कई शव अंदर जमीन पर हैं। एक हिस्से में तो लाशें ऐसे रखी नजर आ रहीं हैं मानों किसी तरह का सामान किसी ने स्टॉक किया हो।

रायपुर में पिछले 48 घंटों में 80 लोगों की मौत हो चुकी है। प्राइवेट अस्पतालों में भी दर्जनों संक्रमितों की मौत हुई है। सरकारी अस्पताल में इतने ज्यादा शवों को रखे जाने की बड़ी वजह देरी को बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि शवों को परिजनों को सौंपने या फिर अंतिम संस्कार के लिए भेजने की प्रक्रिया में देर हो रही है जिसकी वजह से शवगृह भर गया है।

सोशल मीडिया पर छलका डॉक्टर्स का दर्द
कोविड वार्ड में दिन रात काम कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि यहां पूरे राज्य से मरीज लाए जा रहे हैं। इस वजह से लोड बढ़ा हुआ है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर एक मार्मिक पोस्ट भी डॉक्टर्स ने साझा की है। इस पोस्ट में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल खुद अपने हालातों की कहानी बयां कर रहा है। इस पोस्ट में डॉक्टर्स ने अपनी आंखों देखी इस उम्मीद में लिखी है कि ये बिगड़ते हालात सुधरें। डॉक्टर्स ने लापरवाह आम लोगों, नेता और अफसरों को भी इस पोस्ट के जरिए घेरा है।

शहर के प्राइवेट अस्पतालों में भी कई मौतें
11 अप्रैल के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर के प्राइवेट अस्पताल में 12 लोगों की मौत हुई है जिनमें रायपुर के बालाजी अस्पताल में 5, मेडिकशाइन में 2, वीकेयर, वी वाय, ओम, यशोदा और श्री नारायणा अस्पताल में 1-1 मरीज की मौत हुई। 10 अप्रैल को श्री नारायणा अस्पताल में 2, सुयश में 2, वीकेयर 2 मरीज की मौत हुई, रामकृष्ण, NMMI, मेडिशाइन, हैरीटेज,वैदेही, न्यू रायपुरा, श्रेयांश, लालमति और संकल्प हॉस्पिटल में 1-1 संक्रमित की जान गई। 9 अप्रैल को श्री बालाजी में 5, श्री नारायणा में 5, वी वाय में 2, रामकृष्ण, श्रीदानी, वीकेयर,सुयश,लालमति, श्रेयांश, होराइजन और श्री दा केयर अस्पताल में 1-1 संक्रमित की मृत्यु हुई।

रायपुर शहर में मौत और कोरोना
रायपुर शहर में पिछले 24 घंटे में 2833 नए मरीज मिले हैं। 37 लोगों की मौत हुई, अब राजधानी में एक्टिव मरीज 22 हजार 726 हैं। जब से कोरोना वायरस संक्रमित शहर में मिलने शुरू हुए यानी की साल 2020 के मार्च से अब तक रायपुर में 1203 लोगों की जान जा चुकी है। शहर में बीरगांव के रहने वाले श्रमिक की मौत पहली बार अप्रैल के महीने में ही पिछले साल हुई थी।

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