हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क (एनजैडपी) में 8 एशियाई शेरों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद हिमाचल में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। वन विभाग ने राज्य के सभी चिड़ियाघर प्रबंधन को एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने केंद्रीय जू अथॉरिटी (सीजैडए) की एडवाइजरी सभी चिड़ियाघर प्रबंधन को भेजकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और शेर, बाघ व तेंदुए की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा है। वन्य प्राणी विंग ने चिड़ियाघरों के साथ सभी वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी व फीजैंटरी में भी दूसरे जंगली जानवरों-पक्षियों पर भी ध्यान रखने को बोला है। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे लगाकर चिडिय़ाघरों में इनकी निगरानी करनी होगी।यदि कहीं भी किसी जानवर में लक्षण दिखते हैं तो निर्धारित पशु संस्थाओं में सैंपल भेजने के आदेश दिए गए हैं।

चिड़ियाघरों में इनके लिए लाया जाने वाला मांस जांच के बाद ही इन्हें देना होगा।देश में ऐसा पहली बार बताया जा रहा है जब कहीं शेर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बीते साल न्यूयॉर्क के एक जू में 8 टाइगर और शेर कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। अब देश में इनके पॉजिटिव पाए जाने के वन्य प्राणी विंग और पशु चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। हैदराबाद के जू में शेरों में कोरोना के लक्षण जैसे भूख न लगना, नाक से पानी आना और कफ की शिकायत पाई गई थी।हिमाचल में शेर केवल कांगड़ा के गोपालपुर चिड़ियाघर में हैं। यहां एक नर व एक मादा शेर है। इसी तरह राज्य में कुफरी, टूटीकंडी, सिरमौर के रेणुका जी और मंडी के रिवालसर में प्रमुख चिडिय़ाघर है। इनमें शेरों के अलावा तेंदुए, भालू व अन्य जानवर हैं। इन्हें देखने के लिए चिड़ियाघरों में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचते हैं।वन्य प्राणी विंग के एपीसीसीएफ अनिल ठाकुर ने बताया कि हिमाचल में सभी चिड़ियाघर प्रबंधन को अलर्ट कर सावधानियां बरतने के निर्देश दे दिए गए हैं। केंद्रीय जू अथॉरिटी की एडवाइजरी के मुताबिक शेर, तेंदुए और बाघ के व्यवहार व गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इनके भोजन में दिया जाने वाला मांस जांच के बाद ही दिया जाएगा।

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