करसोग: नगर पंचायत करसोग में सफाई कर्मचारी विमला देवी के साथ हुए जातीय भेदभाव और दुर्व्यवहार का मामला लगातार तुल पकड़ता जा रहा है। करसोग के सफाई कर्मचारी लगातर कोरोना काल में 8 दिनों से हड़ताल पर चल रहे हैं। जिस से सफाई व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में बीमारियों का खतरा बढ़ जायेगा।

पीड़ित महिला के समर्थन में आई युवा शक्ति

करसोग जन सेवा विकास मंच के दर्जनों युवा और समाजसेवी बंसी लाल कौंडल सफाई कर्मचारियों के समर्थन उतार गए हैं। बंसी लाल कौंडल का कहना है कि बड़े शर्म की बात है की एक महिला के खिलाफ इतनी गंदी मानसिकता है। करसोग के कुछ लोग मेरे खिलाफ भी साजिश रच रहे हैं इस मामले में समर्थन के कारण मुझे धमकियां मिल रही है। अगर कुछ होगा तो वह लोग इसके जिम्मेवार होंगे। उन्होंने कहा कि मुझे कुर्सी का कोई लालच नहीं है चाय वह वाइस चेयरमैन की हो चाय एमएलए की, अगर ऐसे महिलाओं के खिलाफ अत्याचार होते हैं तो ऐसे में कुर्सियां भाड़ में जाए जो महिलाओं के साथ इंसाफ के लिए खड़ी न हो, उन्होंने ऐसे राजनेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो एमएलए के सपने देख रहे हैं और समाज में अन्याय होता है तो चुप रहते हैं।

इस मामले में नया मोड़ आता जा रहा है। करसोग के युवा भी सफाई कर्मियों के साथ खड़े हो गए हैं। करसोग जन सेवा विकास मंच के अध्यक्ष सत्या प्रकाश के नेतृत्व में दर्जनों युवा समर्थन में आए और कहा की अगर न्याय नहीं मिला तो वह सड़कों पर उतरने से गुरेज नहीं करेंगे।

सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष तारा चंद ने कहा कि कल अधिवक्ता गोपाल कृष्ण ने हड़ताल वापिस लेने का बयान दिया वह गलत है, वह हमारी यूनियन में नही है। हमारी हड़ताल जारी रहेगी। हम अनपढ़ होने के चलते उनका बयान हमे समझ नही आया।

error: Content is protected !!