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8 अरब डॉलर की डिफेंस डील पर लगेगी मुहर! पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने अहमदाबाद पहुंचे जर्मन चांसलर

Gujarat News: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ भारत की धरती पर कदम रख चुके हैं। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी के खास निमंत्रण पर वे दो दिनों के भारत दौरे पर आए हैं। आज दोनों दिग्गज नेता साबरमती के तट पर पतंगबाजी का लुत्फ उठाएंगे। इसके साथ ही रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक समझौतों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में होने वाली मुलाकात भारत और जर्मनी के रिश्तों की नई इबारत लिखेगी।

साबरमती आश्रम और काइट फेस्टिवल का बनेगा गवाह

फ्रेडरिक मर्ज़ का आज का कार्यक्रम बेहद खास है। वे सुबह 9:30 बजे पीएम नरेंद्र मोदी के साथ साबरमती आश्रम जाएंगे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट का रुख करेंगे। यहां वे इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे। आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों के बीच दोनों देशों की दोस्ती की डोर और मजबूत होगी। इसके तुरंत बाद सुबह 11:15 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय बातचीत का दौर शुरू होगा।

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पनडुब्बी डील से बढ़ेगी समंदर में भारत की ताकत

इस मुलाकात का सबसे अहम हिस्सा रक्षा समझौता है। पीएम नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर 8 अरब डॉलर की डिफेंस डील को फाइनल कर सकते हैं। यह सौदा प्रोजेक्ट-75I के तहत हो रहा है। इसके लिए भारतीय नौसेना ने जर्मन तकनीक वाली टाइप 214NG पनडुब्बी को चुना है।
ये पनडुब्बियां एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक से लैस होंगी। जून 2025 में जर्मन कंपनी TKMS और भारत की MDL के बीच समझौता हुआ था। अब भारत में ही 6 स्टेल्थ पनडुब्बियों का निर्माण होगा। जर्मनी डिजाइन और इंजीनियरिंग देगा, जबकि निर्माण भारत में होगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

ग्रीन अमोनिया और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा दांव

जर्मनी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अब भारत पर भरोसा जता रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में ग्रीन एनर्जी डील पर अंतिम मुहर लग सकती है। जर्मनी की सरकारी कंपनी यूनिपर भारत से ग्रीन अमोनिया खरीदना चाहती है। इसके लिए भारत के ग्रीनको ग्रुप के साथ पहले ही बात हो चुकी है। इस समझौते के तहत भारत हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की सप्लाई जर्मनी को करेगा। यह फॉसिल फ्यूल का एक साफ विकल्प है, जो भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा।

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25 साल की दोस्ती और व्यापार का नया अध्याय

भारत और जर्मनी की रणनीतिक साझेदारी ने 25 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी रिश्तों की समीक्षा करेंगे। जर्मन चांसलर अपने साथ 25 बड़ी कंपनियों के सीईओ का एक भारी-भरकम डेलिगेशन लेकर आए हैं। जर्मनी भारत का 9वां सबसे बड़ा निवेशक है। दोनों देशों के बीच 51.23 अरब डॉलर का व्यापार होता है। बैठक में व्यापार, टेक्नोलॉजी, स्किल डेवलपमेंट और इनोवेशन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी। अप्रैल 2000 से जून 2025 तक जर्मनी ने भारत में 15.40 अरब डॉलर का निवेश किया है, जिसे अब और बढ़ाने की तैयारी है।

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