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कैंसर के 7 वॉर्निंग साइन: बिना वजह वजन कम होना, शरीर में गांठ और थकान हैं खतरे की घंटी

Health News: कैंसर एक गंभीर बीमारी है जिसमें शरीर में असामान्य कोशिकाएं बनने लगती हैं। ये कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। जिस अंग में ये कोशिकाएं पनपती हैं, उसी के आधार पर कैंसर का नाम रखा जाता है। शरीर पर दिखने वाले कुछ संकेतों से इस बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में ही पता लगाया जा सकता है।

इन चेतावनी संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है। समय पर पहचान और इलाज से कैंसर पर नियंत्रण पाना संभव है। यहां जानिए सात ऐसे प्रमुख लक्षण जो कैंसर की ओर इशारा कर सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बिना कारण वजन घटना और थकान

अचानक और बिनाकिसी प्रयास के वजन कम होना कैंसर का एक सामान्य संकेत है। कैंसर कोशिकाएं शरीर के चयापचय को प्रभावित करती हैं। इससे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और वजन गिरने लगता है। व्यक्ति बिना डाइटिंग या व्यायाम के ही पतला होता चला जाता है।

लगातार थकान महसूस होना भी एक महत्वपूर्ण लक्षण है। यह थकान पर्याप्त आराम करने पर भी दूर नहीं होती। शरीर हमेशा सुस्त और कमजोर महसूस करता है। कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा का उपयोग करती हैं, जिससे यह लक्षण उत्पन्न होता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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त्वचा में बदलाव और शरीर में गांठ

त्वचामें अचानक बदलाव कैंसर का संकेत हो सकता है। त्वचा पर नए मस्से उभर आना या पुराने मस्से के आकार-रंग में परिवर्तन खतरनाक है। त्वचा का रंग बदलना, लाल धब्बे या खुजली वाले चकत्ते भी चिंता का कारण हैं। ऐसे बदलावों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।

शरीर के किसी हिस्से में गांठ या सूजन महसूस होना एक स्पष्ट चेतावनी है। यह गांठ स्तन, गर्दन, बगल या कहीं भी हो सकती है। अक्सर यह गांठ दर्द रहित होती है और समय के साथ बढ़ती जाती है। किसी भी नई गांठ या सूजन की जांच डॉक्टर से अवश्य करवाएं।

आवाज और मुंह में बदलाव

आवाज मेंबिना कारण बदलाव आना फेफड़े या गले के कैंसर का लक्षण हो सकता है। लगातार खांसी आना या आवाज का भारी हो जाना इसी से जुड़ा है। खांसते समय खून आना एक गंभीर संकेत है। ऐसी कोई भी समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो जांच जरूरी है।

मुंह के अंदर भी कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। जीभ या गाल के अंदर सफेद या लाल चकत्ते दिखाई देना खतरे की निशानी है। मुंह में छाले जो ठीक नहीं हो रहे हों, उन पर भी ध्यान दें। ये लक्षण मुंह के कैंसर की ओर इशारा करते हैं।

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पेशाब और पाचन संबंधी लक्षण

पेशाब यामल त्याग की आदतों में बदलाव भी चिंता का विषय है। पेशाब का रंग असामान्य होना या मल में खून आना गंभीर लक्षण हैं। लगातार कब्ज या दस्त की शिकायत भी आंतों के कैंसर का संकेत दे सकती है। पाचन तंत्र का काम सामान्य न रहना एक अहम लक्षण है।

भूख न लगना या भोजन निगलने में तकलीफ होना भी खतरनाक हो सकता है। यह लक्षण पेट या गले के कैंसर से जुड़ा है। अपच या पेट में लगातार दर्द बने रहना भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। ऐसे में डॉक्टरी सलाह लेना बहुत आवश्यक है।

कैंसर के प्रमुख प्रकार और जोखिम कारक

स्तन कैंसर,फेफड़ों का कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर दुनिया में सबसे आम हैं। आंतों का कैंसर और रक्त कैंसर भी कई लोगों को प्रभावित करता है। यह बीमारी आनुवांशिक भी हो सकती है और जीवनशैली से भी जुड़ी है। जीन में बदलाव या म्यूटेशन इसका प्रमुख कारण है।

धूम्रपान करने वालों को कैंसर का खतरा अधिक होता है। जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास है, उन्हें भी सतर्क रहना चाहिए। विषैले वातावरण और पराबैंगनी विकिरण भी जोखिम बढ़ाते हैं। हार्मोन थेरेपी और पोषण की कमी भी कैंसर के कारक हैं।

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