पुलिस ने नशा तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है, जो अभी भी जारी है। पुलिस ने साढ़े किलो अफीम बरामद करने के साथ ही पिछले 11 दिन में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 सैनिक भी हैं और इन्हीं में से पंजाब का एक सैनिक अपने बेरोजगार भाई की कमाई के लिए राजस्थान से अफीम की 5 किलो की खेप लेकर आया था। डेढ़ किलो को तस्करी में नए-नए उतरे 3 युवक बेच चुके थे और बाकी गिरफ्तार कर लिए गए थे। अब पुलिस आरोपियों को राजस्थान लेकर गई है, जहां से नशे की यह खेप आई थी।

पुलिस के मुताबिक 22 दिसंबर 2020 की दोपहर में कैथल की CIA-2 के प्रभारी इंस्पेक्टर सोमबीर, ASI प्रदीप कुमार और टीम के साथ जिले के गांव मानस और बाबा लदाना के बीच ड्रेन पर नाका लगाए हुए थे। उसी दौरान वर्ना गाड़ी PB-31F-8117 को रुकने का इशारा किया गया तो इसमें सवार युवकों ने गाड़ी वापस मोड़कर भागने की कोशिश की। हालांकि पुलिस टीम ने तत्काल इसे पकड़ लिया। इनकी पहचान पटियाला जिले के भेड़पुर के गुरप्रीत उर्फ भोपी, हमजेहड़ी के कर्मजीत और बाहर साहिब के रविंद्र पाल के रूप में हुई। तलाशी में इनके पास साढ़े 3 किलो अफीम मिली।

केस दर्ज किए जाने के बाद पूछताछ में कर्मजीत ने बताया कि उसका भाई गुरजीत राजस्थान के नसीराबाद कैंट में सिपाही है। उसी के साथ ही पटियाला के लीचकली का युद्धवीर भी कार्यरत है, जो उसके साथ ही पढ़ा और फिर भर्ती हुआ था। गुरजीत ने साथी के साथ खाने के लिए थोड़ी-बहुत अफीम की उपलब्धता की बात की। युद्धवीर ने जोधपुर के देवनगर निवासी नायब सूबेदार करणा राम से चर्चा की तो उसने कहा कि मिल जाएगी, पर बड़ी मात्रा में मिलेगी। इसके बाद किसी स्थानीय तस्कर से 5 किलो मंगवाई। अक्टूबर में गुरजीत छुट्‌टी पर आया तो भाई कर्मजीत को अफीम लाकर दे दी।

इस बारे में कैथल के SP लोकेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए कर्मजीत और उसके दोनों साथी डेढ़ किलो बेच चुके थे, लेकिन इस धंधे में नए-नए उतरने और ग्राहक नहीं होने के चलते धरे गए। इनकी निशानदेही पर सेना से संपर्क साधकर पुलिस ने सिपाही गुरजीत, युद्धवीर और नायब सूबेदार करणा राम को भी 1 जनवरी को गिरफ्तार किया है। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद 6 दिन के रिमांड के दौरान टीम राजस्थान लेकर हुई है।

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