बिहार के किशनगंज में दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत जिंदा जलने से हो गई। शहर के सलाम कॉलोनी में सोमवार की तड़के एक घर में आग लगने के दौरान गैस सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के गृह स्वामी और चार बच्चे जिंदा जल गए। मरने वालों में दो बेटियां भी शामिल है। गैस सिलेंडर का धमाका इतना जोरदार था कि घटनास्थल पर शव तक क्षत विक्षत हो गया। वहीं हादसे में मृत गृह स्वामी की पत्नी भी गंभीर रूप से झुलस गईं हैं जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। लेकिन महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। 

आग लगने पर पड़ोस में रहने वाले राजेश गुप्ता सहित अगल-बगल के लोग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग की लपटें इतनी भयावह थी कि लोगों का प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बाद सूचना पर मौके पर अग्निशमन वाहन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। मृतकों में गृहस्वामी नूर आलम (35)  एवं उसके दो बेटे रहमत रजा(6), मो. शाहिद  (3) और उसकी दो बेटियां तौफा परवीन(10) और शबनम परवीन (8) शामिल हैं। हादसे में नूर बाबू की पत्नी आग की लपट से बुरी तरह झुलस गई हैं।
 

घटना के बार में बताया जाता है सलाम कॉलोनी के नूर बाबू के घर सोमवार की तड़के 3 बजे अचानक आग लग गई। आग लगने की भनक लगते ही नूर बाबू की पत्नी की नींद खुल गई तथा वे आग पर काबू पाने के लिए पानी डालने लगी। इसी दौरान आग ने भीषण रूप ले लिया। महिला ने अपने बच्चों को घर से बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन इसी दौरान आग की लपटों से पड़ोस के घर में रखे गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इस वजह से गृहस्वामी का कच्चा मकान ढ़ह गया और घर के मुखिया नूर बाबू और उनके चार छोटे बच्चे आग की चपेट में आने से जिंदा ही जल गए। सदर थाना पुलिस ने हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए सदर अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।

गोपालगंज में आग लगने से एक ही परिवार के चार लोग जिंदा जल गए
बता दें कि इससे पहले फरवरी 2019 बिहार के गोपालगंज जिले में बिजली के तारों में शार्ट सर्किट से झोपड़ी में आग लगने से एक ही परिवार के एक ही परिवार के चार लोग जिंदा जल गए थे वहीं एक नवजात सहित तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए थे।  घटना जिले के कुचायकोट के बखरी टोला में घटी थी। ग्रामीणों के अनुसार बकरीदन साह अपने परिवार के साथ फूस की झोपड़ी में सो रहा था। इस दौरान झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। जब तक परिवार के सदस्य जगे, तब तक आग की चपेट में आ जाने से चार लोग जिंदा जल गए। ग्रामीणों ने किसी तरह बकरीदन साह की एक नवजात सहित दो पुत्री व एक पुत्र को झोपड़ी से निकाल कर इलाज के लिए भेजा था।  

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