Himachal News: हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूल खोलने की होड़ लगातार बढ़ रही है। प्रदेश सरकार भले ही सीबीएसई (CBSE) स्कूलों पर जोर दे रही है। लेकिन निजी संचालकों का भरोसा आज भी राज्य शिक्षा बोर्ड पर कायम है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) के पास इस साल 50 नए प्राइवेट स्कूल खोलने के आवेदन आए थे। शिक्षा बोर्ड ने गहन जांच के बाद इनमें से 32 स्कूलों को मान्यता दे दी है। वहीं, औपचारिकताएं पूरी न करने वाले 18 आवेदनों को बोर्ड ने सीधे खारिज कर दिया है।
बोर्ड के पास आए 1200 से अधिक आवेदन
शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के पास आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए भारी संख्या में आवेदन पहुंचे हैं। कुल 1,202 स्कूलों ने मान्यता और अन्य कामों के लिए बोर्ड से संपर्क किया है। इन आवेदनों में नई मान्यता, पुरानी मान्यता का नवीनीकरण और स्कूलों का दर्जा बढ़ाना शामिल है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का आना यह साबित करता है कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की अहमियत आज भी कम नहीं हुई है।
अपग्रेडेशन और रिन्यूअल की क्या है स्थिति?
बोर्ड ने अपग्रेडेशन और पुरानी मान्यता के नवीनीकरण पर भी तेजी से काम किया है। शिक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बहुत जरूरी है।
- स्कूलों की मान्यता रिन्यूअल के लिए आए 1,040 आवेदनों में से 924 को हरी झंडी मिल गई है।
- कागजी कमियों और नियमों की अनदेखी के कारण 116 स्कूलों का रिन्यूअल फिलहाल रद्द कर दिया गया है।
- स्कूलों का दर्जा बढ़ाने (अपग्रेडेशन) के लिए कुल 46 आवेदन आए थे।
- इनमें से 27 स्कूलों को अपग्रेड कर दिया गया है, जबकि 19 पर अभी काम चल रहा है।
लंबी अवधि की संबद्धता पर भी जोर
स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने इन सभी आंकड़ों की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि स्कूलों को लंबी अवधि की मान्यता देने की प्रक्रिया भी चल रही है।
- बोर्ड ने 9 नए स्कूल संचालकों को 3 से 5 साल तक की संबद्धता प्रदान की है।
- प्रदेश में 52 स्कूलों के पास पहले से ही इतने लंबे समय की मान्यता मौजूद है।
- इसके अलावा राज्य में 5 स्कूलों ने बोर्ड से स्थायी (परमानेंट) मान्यता हासिल कर रखी है।


