शहर के समीप संतघाट स्थित राधिका ज्योति गैस एजेंसी गोदाम के पार्किंग एरिया में गुरुवार रात करीब 11.15 में आग लग गयी। इसके कारण पार्किंग एरिया परिसर में 300 से ज्यादा भर्ती व खाली गैस सिलेंडरों के विस्फोट कर गए। परिसर में खड़ी 14 डिलीवरी गाड़ियां जलकर राख हो गयीं।

सिलेंडर विस्फोट की तेज आवाज और आसमान में आग का गुब्बार देख शहर व इससे सटे गांवों में अफरातफरी फैल गयी।

सूचना पर पहुंचे डीएम व एसपी ने मोर्चा संभाला। बेतिया व मोतिहारी से आयीं दर्जनभर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने दो घंटे के रेस्क्यू के बाद आग पर काबू पाया।

एजेंसी के प्रोपराइटर विकास कुमार चौधरी ने बताया कि अब तक आग में करीब 40 से 50 लाख की क्षति का अनुमान है। उन्होंने बताया कि गोदाम से सटे बाहर करीब चार हजार वर्गफीट के पार्किंग एरिया में खड़े कुल 14 गैस डिलीवरी वैन जलकर पूरी तरह नष्ट हो गये हैं। उनपर लगे तीन सौ से अधिक भर्ती व खाली सिलेंडर विस्फोट से उड़ गये हैं।

वहीं विकास के पिता नंदकिशोर चौधरी को आशंका है कि साजिश के तहत उनके पुत्र के गैस गोदाम में आग लगायी गयी है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है। भीषण आग की लपेटे में आकर धू-धू कर जलते हुए विस्फोट कर रहे सिलेंडरों की आवाज और ऊंची-ऊंची उठती लपटों से आसपास के क्षेत्र के अलावे पूरे शहर व दूरदराज के इलाके में भी दहशत फैल गयी।

तेज आवाज सुनकर लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलने लगे. उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर किया क्या जाए।आसपास के लोग अपने घरों से निकल सुरक्षित जगह जाने के लिए सड़क पर निकल आये थे। वहीं सिलेंडरों में ब्लास्ट के बाद इसका अवशेष एक से दो किमी दूर तक गिरा मिला। कहीं से किसी से घायल होने की सूचना नहीं है।

संतघाट स्थित राधिका ज्योति गैस गोदाम से महज सौ मीटर की दूरी पर दो-दो पेट्रोल पंप अवस्थित हैं। अगर प्रशासनिक मुस्तैदी से आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जाता और आग की लपटे तथा फटकर हवा में उड़ते सिलेंडरों के परखच्चों के साथ आग उन दोनों पेट्रोल पंपों तक पहुंच जाती, तो पूरे शहर के लिए स्थिति भयावह हो सकती थी। इधर जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने एसडीएम विद्यानाथ पासवान को इस मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

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