Budget Expectations: पूरा देश बजट 2026 का इंतजार कर रहा है। किसानों की उम्मीदें इस बार काफी ज्यादा हैं। बढ़ती खेती की लागत और मौसम की मार ने उनकी चुनौतियां बढ़ा दी हैं। बजट से पहले जानकारों का मानना है कि सरकार इस बार किसानों के लिए विशेष घोषणाएं कर सकती है।
बढ़ती लागत पर क्या होगा फोकस?
बीज, खाद और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इससे किसानों की लागत बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार इनपुट लागत घटाने पर ध्यान दे सकती है। खासकर छोटे किसानों के लिए सब्सिडी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे किसानों की आय पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा।
सिंचाई और ग्रामीण ढांचे में निवेश की उम्मीद
खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर न रहे, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं पर जोर दिया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार नहरों, तालाबों और माइक्रो-सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ा सकती है। साथ ही ग्रामीण इलाकों में सड़क, बिजली और कोल्ड स्टोरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी निवेश की संभावना है।
फसल का सही दाम मिलने की चुनौती
किसानों की एक बड़ी समस्या फसल का उचित मूल्य न मिलना है। बजट में इस पर ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। सरकारी खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और कृषि बाजारों को आधुनिक बनाने पर काम हो सकता है। समय पर और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
कर्ज और बीमा योजनाओं में सुधार
खेती एक जोखिम भरा काम है। इसलिए किसान कर्ज और बीमा योजनाओं पर निर्भर करते हैं। बजट में कृषि ऋण पर ब्याज दरों में छूट की उम्मीद है। साथ ही फसल बीमा योजना के नियम सरल बनाए जा सकते हैं। क्लेम की प्रक्रिया तेज करने से भी किसानों को फायदा होगा।
क्यों है यह बजट अहम?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ाने से पूरी अर्थव्यवस्था को गति मिल सकती है। इसलिए सरकार किसान-हितैषी कदम उठा सकती है।

