दुखद खबर: उत्तराखंड में तपोवन सुरंग से 1 शव और टांग बरामद

उत्तराखंड के चमोली में हुई जल त्रासदी के बाद राहत व बचाव के कार्य लगातार जारी रहते हुए 12 वें दिन में प्रवेश कर गया है। आज वीरवार की सुबह राहत व बचाव दल को तपोवन सुरंग से सुबह 5:00 बजे के आसपास एक शव और बरामद हुआ हैं। जबकि एक व्यक्ति की टांग भी बरामद की गई है। मगर जिसकी यह टांग निकाली गई है उसका शव बरामद नहीं हुआ है।बरामद किए गए शव की शिनाख्त फिलहाल नहीं हो पाई है। डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा चुका है। DCRसे प्राप्त जानकारी के अनुसार रेस्क्यू दल लगातार राहत कार्य में जुटा हुआ है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव को शिनाख्त के लिए रखा जाएगा।

बरहाल राहत व बचाव के कार्यों में भारी परेशानी संसाधनों की वजह से आ रही है। जबकि मौके पर सेना आइटीबीपी एनडीआरएफ आदि डटे हुए हैं। मगर अभी तक एनटीपीसी की ओर से कोई भी बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं आया है। वही गुमशुदा व मारे गए लोगों के परिजनों का एनटीपीसी प्रबंधन पर काफी गुस्सा भी भड़क रहा है।

परिजनों का कहना है कि यदि कंपनी के द्वारा सुरक्षा के पहले से ही कड़े इंतजाम किए गए होते तो यह हादसा इतना भयावक नहीं होता। वही अभी तक उत्तराखंड सरकार के द्वारा एनटीपीसी की कार्यप्रणाली को लेकर ना तो कोई जांच शुरू की गई है और ना ही कोई कार्यवाही की जा रही है। जानकारी तो यह भी है कि डीएम स्वाति भदोरिया ने कल एनटीपीसी के इंजीनियर्स के साथ एक बैठक भी रखी थी। इस बैठक में डीएम की ओर से कंपनी को यह भी निर्देश दिया गया था कि वह देश के किसी भी कोने से उचित संसाधन व दक्ष इंजीनियर बुलाकर कार्य करवाएं।

सवाल तो यह उठता है कि घटना के पहले ही दिन राहत कार्यों में एनटीपीसी के द्वारा उचित संसाधन सरकार के समक्ष मंगवाने के लिए क्यों नहीं कहा। हालांकि सरकार व प्रशासन की ओर से कोई भी कमी नहीं रखी जा रही है। मगर एनटीपीसी जिनके एक्सपर्ट का प्रशासन सहारा ले रहा है उन एक्सपर्ट पर सवालिया निशान भी लगते नजर आते हैं।

उधर, एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि आज सुबह रेस्क्यू दल को एक शव तथा एक पैर बरामद हुआ है। शव की अभी शिनाख्त नहीं हुई है। उनका कहना है कि एनटीपीसी जिन संसाधनों की जरूरत महसूस करती है वह उन्हें उपलब्ध करवाया जाता है।

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