बिलासपुर में पिलाई जा रही पोलियो की ड्रॉप्स,

बिलासपुर- स्वास्थ्य उपकेंद्र मानर में स्थित डिस्पेंसरी के सीएचओ यानी(Community Health Officer) प्रिया, AW कुमारी डिंपल, AW सुषमा कुमारी, AW रजनी देवी, जो बच्चों को आंगनबाड़ी टिकरी में पोलियो ड्रॉप्स पिला रही हैं उन्होंने कहा लपोलियोमाइलाइटिस अथवा पोलियो एक संक्रामक रोग है, जो वायरस के द्वारा फैलता है। यह लक्षण सामान्य से तीव्र हो सकते हैं और इसमें आम तौर पर टांगों में लकवा हो जाता है। पोलियो का वायरस मुँह के रास्ते शरीर में प्रविष्ठ‍ होता है और आंतों को प्रभावित करता है। वायरस के शरीर में प्रवेश करने के कुछ ही घंटों बाद इससे पक्षाघात तक हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि यह लक्षण तीन से पाँच दिनों में प्रदर्शित हों। इस खतरे को रोकने के लिए 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाती है। पोलियो बुथ सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलता है। इसमें हर बच्चे के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जा रहा है साथ ही सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन किया जा रहा है।

पोलियो ड्रॉप्स पिलाते हुए

बतादें की पोलियो की बीमारी में मरीज़ की स्थिति वायरस की तीव्रता पर निर्भर करती है। अधिकतर स्थितियों में पोलियो के लक्षण ‘फ्लू’ जैसै ही होते हैं, लेकिन इसके कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार पेट में दर्द होना, उल्टियां आना, गले में दर्द होना, सर दर्द, तेज बुखार, खाना निगलने में कठिनाई होना, ह्रदय की मांसपेशियों में सूजन आना है। यदि इससे बच्चों को सुरक्षित रखना है तो पोलियो की ड्रॉप्स पिलाना अनिवार्य है।