एक साथ जलीं सात चिताएं,रो पड़ा पूरा गांव

वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के लहंगपुर गांव के पास मंगलवार तड़के साढ़े तीन बजे ट्रक और पिकअप की आमने-सामने हुई टक्कर में सात लोगों की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है। जब शाम को सात लोगों की लाशें एक साथ जलीं तो हर कोई सिहर उठा। इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव ने भी दुख जताया।

हादसे में नौ लोग घायल हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर है। पिकअप सवार 17 लोग वाराणसी में दाह संस्कार कर लौट रहे थे। सरायख्वाजा क्षेत्र के जलालपुर गांव की निवासी धनदेई देवी(102) का सोमवार को निधन हो गया था। दामाद लक्ष्मी शंकर गांव के लोगों के साथ अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पिकअप से वाराणसी गए थे। वहां से लौटते समय हादसा हो गया। दोनों वाहनों के चालक-परिचालक फरार हैं।

मृतक धनदेई देवी की सिर्फ दो बेटियां थीं। एक बेटी मंतोरा देवी पति लक्ष्मीशंकर के साथ मायके में मां की देखभाल करती थीं। लंबी उम्र व बीमारी के कारण सोमवार दोपहर को धनदेई देवी की मौत हो गई। मरने से पहले उन्होंने वाराणसी के गंगा घाट पर अंतिम संस्कार की इच्छा जताई थी। इस पर बेटी-दामाद ने उनकी इच्छा पूरी करने के लिए शव वाराणसी ले जाने की तैयारी की। सभी शाम को शव लेकर वाराणसी गए। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के बाद लौटते समय उनका मौत से सामना हो गया।

मृतक: हादसे में पिकअप सवार अमर बहादुर यादव(55), दलशृंगार यादव(60), मुन्नीलाल यादव(40), कमला प्रसाद यादव(65), रामकुमार(60) निवासी जलालपुर और इंद्रजीत यादव(38) निवासी हरबंसपुर की मौके पर ही मौत हो गई। जलालपुर व फूलपुर थाने की पुलिस ने घायलों को पिंडरा सीएचसी और जौनपुर जिला अस्पताल भेजवाया। एक घायल समर बहादुर(45) की वाराणसी ले जाते समय मौत हो गई।

घायल: हादसे में उमाशंकर यादव(40), राकेश यादव(30), रमाशंकर यादव(50), लालू यादव(21), मनोज यादव(30), संतोष यादव(40), लक्ष्मी शंकर यादव(58) और उनके पुत्र धर्मेंद्र यादव(20) घायल हो गए। धर्मेंद्र का उपचार वाराणसी में चल रहा है।