15 साल की गुमशुदा बेटी को ढूंढने के लिए विधवा मां से मांगी रिश्वत

उस मां को हर हाल में अपनी 15 साल की बेटी को तलाशना था। वह दिनभर भीख मांगती और उस दरोगा की गाड़ी में डीजल भरवा देती, जिसने इस रिश्वत के बदले उनकी बेटी को तलाशने का वादा किया था। एक महीने इंतजार के बाद जब आस टूट गई तो अब DIG से गुहार लगाई है।

मामला उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के थाना चकेरी के सनिगवां गांव का है। इसी चौकी में दरोगा राजपाल सिंह तैनात हैं, जिन पर घूस मांगने का आरोप है। यहां रहने वाली गुड़िया बैसाखी के सहारे चलती हैं और भीख मांगकर गुजारा करती हैं। उनकी 15 साल की बेटी एक महीने से लापता है। दूर के रिश्तेदार पर अगवा करने का आरोप है। आरोपी शादीशुदा है।

गुड़िया की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी तो दर्ज कर ली, लेकिन वे बेटी की बरामदगी की फरियाद लिए जब भी थाने जातीं तो उन्हें फटकार भगा दिया जाता। उनका कहना है कि आरोपी को एक बार थाने बुलाया भी गया था, लेकिन न जाने क्यों छोड़ दिया गया।

मजबूर होकर रिश्वत की पेशकश स्वीकार की
एक दिन दरोगा राजपाल सिंह ने गुड़िया से बेटी को तलाशने के एवज में गाड़ी में डीजल भरवाने को बोला। उन्होंने पेशकश मान ली, फिर यह सिलसिला चल पड़ा। हालांकि, जब वे बेटी की बरामदगी की बात करतीं तो दरोगा वादा कर देते। मजबूरी में उन्होंने DIG डॉक्टर प्रितिंदर सिंह से गुहार लगाई। गुड़िया का आरोप है कि वे भीख मांगकर अब तक 10 से 12 हजार का डीजल भरवा चुकी है।

आरोपी दरोगा सस्पेंड, बेटी की तलाश में लगीं चार टीमें
पीड़ित मां का कहना है कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ऑफिस तक शिकायत करने गई थीं, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई। अब DIG ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। लड़की की बरामदगी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं।

दो साल पहले पति की मौत हुई थी
गुड़िया की तीन बेटियां और एक बेटा है। पति की दो साल पहले मौत हो चुकी है। करीब ढाई साल पहले गुड़िया के दाहिने पैर में दर्द उठा था। इसके बाद संक्रमण फैलने के कारण हैलट अस्पताल में उसका पैर काटना पड़ा था। पति के न रहने के बाद वे पास ही के काली माता मंदिर में भीख मांग कर अपने बच्चों का पेट पालती हैं।