दिल्ली हिंसा के लिए अमित शाह जिमेवार- कांग्रेस; भाजपा बोली कांग्रेस ने उकसाया

ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा पर पुलिस की कार्रवाई के बाद सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि हिंसा के लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं। उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी खुफिया एजेंसियां और गृह मंत्रालय क्या कर रहा था? क्या यह मोदी सरकार की नाकामयाबी नहीं है?

इसके बाद भाजपा ने कहा कि जो लोग चुनाव में हार गए थे, वे मिलकर देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी सिर्फ किसानों के साथ ही नहीं थे, बल्कि उन्हें उकसा भी रहे थे। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समय भी यही हुआ था।

कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए हिंसा की साजिश रची गई। उपद्रवियों की अगुआई कर रहे लोगों को छोड़कर किसान नेताओं पर मुकदमे किए गए। इससे मोदी सरकार और उपद्रवियों की मिलीभगत सभी के सामने आ गई है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आंदोलनों को खत्म करने के लिए सरकार ने खास नीति बना रखी है। वे पहले बातचीत के नाम पर लोगों को थकाते हैं। इसके बाद जब लोगों का गुस्सा फूटे, तो उन्हें दंगाई साबित कर केस दर्ज कर दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों में फूट डालो-राज करो की नीति अपना रही है।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस से जुड़ी संस्थाओं के मंगलवार को किए ट्वीट देखिए। इनमें कहा गया है कि अहिंसक मार्च को हिंसक दिखाने की कोशिश हो रही है। लाल किले पर जो हुआ, क्या यह अहिंसक था? पुलिसवाले जख्मी हुए। कई ICU में हैं और कांग्रेस इस मार्च को अहिंसक बता रही है। एक ट्वीट में कहा गया कि युवा कांग्रेस मजबूती से ट्रैक्टर रैली के साथ खड़ी है। एक ट्वीट में तो यह भी कहा गया कि पुलिस की बर्बरता से एक किसान की मौत, जबकि वह एक एक्सीडेंट था। इसका वीडियो भी सबने देखा।

जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस की रणनीति रही है कि पुलिस पहले फायरिंग करे और फिर माहौल भड़काया जाए। कांग्रेस और कम्युनिस्टों को चिंता है कि परिवार राज का क्या होगा। आज कांग्रेस हर जगह हिंसा को उकसा रही है। दिल्ली पुलिस ने बहुत संयम दिखाया। उनके पास हथियार थे, लेकिन उन्होंने इस्तेमाल नहीं किए। तलवार से हमला हुआ, डंडे मारे गए, पत्थर चलाए गए फिर भी पुलिस ने संयम दिखाया। थोड़े समय में अशांति पर काबू पा लिया गया।