उत्तर प्रदेश में गैर कानूनी धर्म परिवर्तन के नाम पर दो लोग गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस ने एक नए धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके भाई को गिरफ्तार किया जब वह एक हिंदू महिला से अपनी शादी को दर्ज करने के लिए रजिस्ट्रार कार्यालय गए थे।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप सामने आई, जिसमें बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने दंपति से पूछा कि क्या महिला ने अपने धर्म बदलने के इरादे से स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस दिया था, नए यूपी अध्यादेश के तहत धर्म परिवर्तन के लिए यह जरूरी है।

कंठ स्टेशन हाउस ऑफिसर अजय गौतम ने कहा कि महिला के माता-पिता की शिकायत के आधार पर दोनों लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया।

हालांकि, महिला ने कहा कि वह एक वयस्क है और अपनी मर्जी से कुछ महीने पहले पुरुष से शादी की। महिला ने कहा, “मेरी उम्र 22 साल है और अपनी मर्जी से राशिद के साथ पांच महीने पहले शादी की थी।”

महिला के धर्म बदलने की बात अभी सामने नही आई है। खबरों के मुताबिक, मुरादाबाद का रहने वाला राशिद उस समय बिजनौर की महिला से मिला था, जब वह देहरादून में काम कर रही थी और पढ़ रही थी।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा संपर्क किए जाने के बाद पुलिस रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची। दोनों व्यक्तियों को एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।

एसएचओ कंठ ने कहा कि इस मामले पर फैसला करना अब अदालत पर निर्भर है।
हाल ही में घोषित उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन निषेध अध्यादेश, 2020 लाया गया है जो धर्म परिवर्तन के गैर कानूनी परिवर्तन पर रोक लगाता है। अगर धर्म परिवर्तन गलत मंशा से किए जाते है।

नाबालिग का गैर कानूनी धर्म परिवर्तन करवाने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। इसी कानून के तहत हाल के मामलों में, यूपी की पुलिस ने सीतापुर में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और जबरन और धोखाधड़ी का हवाला देकर एक अंतरजातीय विवाह पर भी रोक लगा दी थी।

हालांकि अध्यादेश में कहीं भी लव जिहाद शब्द का प्रयोग नही किया गया है। लेकिन भाजपा के नेताओं ने इस कानून को लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बताया है।