केंद्र सरकार की नीयत साफ है तो एमएसपी को कानूनी रूप क्यों नही देती- राजेश धर्माणी

देश में चल रहे किसान आंदोलनकारियों के समर्थन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव राजेश धर्माणी आज घुमारवीं में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे हैं। यह धरना 24 घंटे तक चलेगा। धरने में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए धर्माणी ने कहा कि आज देश संकट के दौर से गुजर रहा है। हर कोई अपने भविष्य के लिए चिंतित है तथा सरकार से राहत की आस लगाए बैठा है। लेकिन इस संकट काल में जिस किसान ने देश में अनाज की कमी नहीं होने दी उसे ही मोदी सरकार कुचलने पर उतारू हो गई है। किसानों के लिए जो नए कानून बनाए हैं उसमें किसानों को संकट में डाल दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार इतनी अहंकारी हो गई है कि किसानों की मांगों को मानना तो दूर किसानों पर बल प्रयोग कर रही है। किसानों को दिल्ली में प्रवेश तक नहीं करने दिया जा रहा है। इस तरह की तानासाही हरगिज सहन नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत अगर साफ है तो एम एस पी को कानूनी रूप क्यों नहीं देती? असल में यह सारा खेल अपने पूंजीपति साथियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है ताकि वे किसानों का शोषण कर सकें। हमने यह भी देखा कि इस बार किसानों की मक्की की फसल के साथ क्या हुआ। मक्की का एम एस पी 1500 रू के करीब था उसे किसानों से 600-700 रुपए में खरीदा गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन में किसानों के साथ खड़ी है इसी लिए हमने आज घुमारवीं में 24 घंटे के धरने का आयोजन किया है।