विधानसभा का शीतकालीन सत्र रदद्; मंत्री मंडल की बैठक में लिए फैसले

हिमाचल प्रदेश राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज विधानसभा के शीतकालीन सत्र को रदद् करने का फैसला किया गया है। यह बैठक मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन हुई। जानकारी के मुताबिक बैठक में कोरोना के फैलाते संक्रमण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदेश में सभाओं और समारोहों पर लगाई गई रोक के आधार पर विधानसभा सत्र को रद्द किया गया है। मंत्री मंडल की बैठक में फैसला किया गया कि सामाजिक समारोहों को करने की अनुमति एसडीएम से लेना जरूरी होगा है। कोई भी विधायक, सांसद और मंत्री सार्वजनिक कार्य नही करेंगे और सरकार द्वारा जारी एसओपी का सख्ती से पालन करेंगे।

मंत्री मंडल की बैठक में कंटेंटमेन्ट जोन को सख्ती से लागू करने और आगे संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रारम्भिक अस्वस्थ लोगों की पहचान करने के लिए नमूने लिए जाने का भी फैसला लिया गया। सभी मंत्रियों को अपने निर्धारित जिलों में हिम सुरक्षा अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। जिसमें हॉस्पिटलों का निरीक्षण और समीक्षा भी शामिल किए गए। हिमायती अभियान और कोविड 19 अभियान में महिला मंडलों को सहभागी चुनने का भी फैसला लिया गया। बैठक में युवा स्वयंसेवकों को भी सुरक्षा संदेश देने के कार्यक्रम में शामिल करने फैसला लिया गया।

चम्बा के सरकारी डिग्री कॉलेज का नाम बदलने पर भी विचार किया गया। क्योंकि इस कॉलेज की आधारशिला प्रधानमंत्री द्वारा गवर्नमेंट न्यू मॉडल डिग्री कॉलेज लिल्ह कोठी के नाम से रखी गई थी। मंत्री मंडल में अटल टनल की सुरक्षा के लिए अटल सुरंग सुरक्षा इकाई बनाने का भी फैसला लिया गया। जिसमें कुल 64 पद सृजित किए जाएंगे और सुरक्षा इकाइयों के लिए 4X4 वाहन और एक मोटरसाइकिल भी दी जाएगी।

हिमाचल प्रदेश में शहरों की सभी प्रमुख सड़कों पर बढ़ती पार्किंग आवश्यकता को पूरा करने और यातायात को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए, कैबिनेट ने हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग रूल्स, 2014 में खुले आसमान के लिए पार्किंग का प्रावधान करने का निर्णय लिया। घाटी की तरफ की इमारतों के मामले में, मालिकों को खुले आसमान के लिए पार्किंग के लिए इस तरह के झटके के 50 पूर्वसंध्या पर अस्थायी स्टील फ्रेम संरचना-रैंप के निर्माण की अनुमति दी जाएगी। अस्थायी पार्किंग प्लेटफॉर्म जिसे प्रस्तावित किया गया है, के माध्यम से देखना चाहिए- छिद्रित-जालीदार (ठोस चादर नहीं) ताकि प्रकाश और वेंटिलेशन के लिए पर्याप्त अंतराल हो और किसी भी आपदा प्रबंधन के प्रयासों में बाधा न हो और एबट रोड पर यातायात का सुचारू प्रवाह बाधित हो और विधिवत एक पंजीकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियर द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।