54 देशों में दूसरी लहर और हर रोज मिल रहे 6 लाख मरीज; कोरोना वर्ल्ड अपडेट

आज दुनियाभर में कोरोना मरीजों की संख्या 6 करोड़ के पार हो गई। अब तक कोरोना से मौतों की संख्या 14 लाख का आंकड़ा पर कर चुकी है और अब कोरोना की दूसरी लहर आ गई है। अब हालात यह है कि पूरी दुनिया में हर रोज 6 करोड़ कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे है। यह आंकड़ा पिछले दो महीने पहले आधा था। कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में अमेरिका, ब्राजील, फ्रांस, और रूस समेत 54 देश देश आ चुके है। कोरोना का सबसे ज्यादा असर उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऐशियाई देशों में देखा गया है।

भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है। भारत में ठीक होने वालों से ज्यादा मरीज मिल रहे है। कई राज्यों में रात्रि लॉक डाउन घोषित किया जा चुका है।

कोरोना का आगाज:

  • 17 नवंबर 2019 को दुनिया का पहला कोरोना मरीज चीन के वुहान शहर में मिला। मरीज की उम्र 55 साल थी और वही से इंसानों के बीच कोरोना फैलाने की शुरूआत मानी जा रही है।
  • 17 नवंबर के बाद चीन के वुहान में कोरोना की चपेट में सैकड़ों लोग आए। लेकिन चीन ने पूरी दुनिया से छिपाया की कोरोना कोई घातक वायरस है जिससे इंसानों की मौत हो सकती है।
  • जनवरी 2020 में चीन से निकले लोगों ने कई देशों में कोरोना को फैलाया। जिससे कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली।
  • 23 जनवरी को चीन ने माना कि कोरोना जानलेवा है और कई लोगों की मौतों के चलते वुहान को पूरी तरह बंद कर दिया गया। मरीजों को आइसोलेट कर दिया गया।
  • 21 जनवरी को अमेरिका, 24 जनवरी को फ्रांस, 30 जनवरी को भारत और 31 जनवरी को इटली में पहला केस कन्फर्म हुआ।
  • 30 जनवरी को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानी WHO ने कोरोनावायरस को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया।
  • जर्मनी, वियतनाम, यूएस, जापान ने ऐसे मरीजों की पुष्टि की जो खुद चीन नहीं गए थे, लेकिन चीन के वुहान शहर से आने वाले लोगों के संपर्क में आए थे।
  • 11 मार्च को WHO ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया।

कोरोना का दुनिया भर में फैलाव:
17 नवंबर 2019 के महज 223 दिन में दुनिया भर में कोरोना मरीजों की संख्या 1 करोड़ हो गई थी। उसके बाद 43 दिनों में यह संख्या दुगनी हो गई और अगले 38 दिनों में दुनिया भर में 3 करोड़ मरीज हो गए। उसके बाद महज 32 दिन में 4 करोड़, अगले 21 दिन में 5 करोड़ कोरोना मरीज सामने आए। लेकिन कोरोना यही नही रुका, महज 18 दिन में 6 करोड़ हो गए। अनुमान है कि दिसम्बर तक दुनिया में 8 करोड़ कोरोना मरीज होंगे।

दुनिया के 54 देशों में कोरोना में दूसरी लहर:

  • कोरोना की दूसरी लहर में अब तक 54 देश आ चुके है जिनमें पोलैंड, रूस, इटली, जर्मनी, यूक्रेन, यूके, स्पेन आदि आ चुके है।
  • एशिया के 11 देशों में भी कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है। इन देशों में ईरान, तुर्की, जॉर्डन, इंडोनेशिया, जॉर्जिया जैसे देश प्रमुख है।
  • कहा जा रहा है कि भारत में दूसरी लहर अभी नही आई है। लेकिन सबसे ज्यादा कोरोना केस यही मिल रहे है।
  • नॉर्थ अमेरिका के 7 देश हैं। इनमें यूएस, मैक्सिको, कनाडा शामिल है।
  • अफ्रीका के 6 देश हैं। इनमें मोरक्को, साउथ अफ्रीका शामिल हैं।
  • साउथ अमेरिका के 5 देश हैं। इनमें ब्राजील, कोलंबिया, अर्जेंटीना शामिल हैं।

जहां दूसरी लहर आई, वहां हालात पहली लहर के मुकाबले बदतर

  • अमेरिका में कोरोना की पहली लहर का पीक 24 जुलाई को था। तब एक दिन में 79 हजार 440 नए मामले मिले थे। इस बार 20 नवंबर को एक दिन में ही 2 लाख 40 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित मिले।
  • ब्राजील में पहली लहर के पीक में 70 हजार 896 केस एक दिन में मिले थे। इसके बाद हर दिन मिलने वाला ये आंकड़ा घटकर महज 8 हजार पर पहुंच गया था। अब इसमें फिर तेजी आई है। अब रोज 30 से 40 हजार नए मरीज मिल रहे हैं।
  • रूस में पहली लहर के पीक में सबसे ज्यादा 11 हजार मरीज मिले थे। अब दूसरी लहर में एक दिन के अंदर 25 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं।
  • फ्रांस में पहली लहर के पीक में सबसे ज्यादा 5 हजार मरीज मिले थे। अब दूसरी लहर में एक दिन के अंदर 88 हजार से ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं।

वैक्सीन तो अगले ही साल मिलेगी
दुनियाभर में 100 से ज्यादा वैक्सीन पर काम चल रहा है। इनमें 5 प्रमुख वैक्सीन हैं। इन वैक्सीन के निर्माताओं ने दावा किया है कि ट्रायल के नतीजे भी अच्छे आए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के लिए सबसे बेहतर वैक्सीन ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (कोवीशील्ड) साबित हो सकती है। दो दिन पहले ही ऑक्सफोर्ड ने दावा किया है कि इस वैक्सीन को ट्रायल में 90% असरदार पाया गया है।

भारत सरकार के साथ मिलकर वैक्सीन प्रोडक्शन पर काम करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला ने कहा कि फरवरी के आखिरी हफ्ते तक इस वैक्सीन के 10 करोड़ डोज तैयार हो जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी अगले साल यानी 2021 के पहले तीन महीनों में वैक्सीन के आने की उम्मीद जताई है।