जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून को मंजूरी-उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में होने वाले जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए “गैर कानूनी धर्मांतरण विधेयक” को पर कर दिया है। अब उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण पर रोक लग जायेगी। किसी का भी जबरदस्ती धर्मांतरण पर पांच से 10 साल की कैद होगी। साधारण लोगों के धर्मांतरण पर 15 हजार जुर्माना और अधिकतम 5 साल की कैद होगी वही अनुसूचित जाति के लोगों का धर्म परिवर्तन करने और 25 हजार जुर्माना और अधिकतम 10 साल की कैद का प्रावधान किया गया है।

विधेयक के प्रावधान:

(1)लालच ,झूठ बोलकर या ज़ोर ज़बरदस्ती  किये गए धर्म परिवर्तन या शादी के  लिए किए गए धर्म परिवर्तन को अपराध माना जाएगा।

(2)नाबालिग,अनुसूचित जाति जनजाति की महिला के धर्मपरिवर्तन पर कड़ी सजा होगी।

(3)सामूहिक धर्म परिवर्तन कराने वाले सामाजिक संगठनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

(4)धर्म परिवर्तन के साथ अंतर धार्मिक शादी करने वाले को साबित करना होगा कि उसने इस कानून को नही तोड़ा। लडक़ी का धर्म बदलकर की गई शादी को शादी नही माना जायेगा।

(5)ज़बरदस्ती प्रलोभन से किया गया धर्म परिवर्तन  संज्ञेय और गैर जमानती अपराध होगा।

(6)इस कानून को तोड़ने पर कम से कम 15 हज़ार रुपये जुर्माना और एक से पांच साल तक की सज़ा होगी।

(7)यही काम नाबालिग या अनुसूचित जाति या जनजाति की लड़की के साथ करने में कम से कम 25 हज़ार रुपये जुर्माना और 3 से दस साल तक की सज़ा होगी।

(8)गैरकानूनी सामूहिक धर्म परिवर्तन में कम से कम पचास हज़ार रुपये जुर्माना और तीन से दस साल तक की सजा होगी।

(9)धर्म परिवर्तन के लिए तयशुदा फॉर्म भरकर दो महीने पहले डीएम को देना होगा, इसे न मानने पर छह महीने से तीन साल की सज़ा और कम से कम दस हज़ार रुपये जुर्माना होगा।