आरटीआई में 15 दिनों में बतानी होगी पति की सैलरी

केंद्रीय सूचना आयोग ने एक सूचना देने के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। जोकि पूरी तरह महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में सफल होगा। केंद्रीय सूचना आयोग ने सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को महिलाओं को उनके पतियों की सैलरी की जानकारी महज 15 दिनों में देने का आदेश दिया है। आदेशों के मुताबिक, केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि महिला अपने पति की तनख्वाह या उसकी आय के अन्य स्रोत की जानकरी आसानी से जान पाएगी। इसके लिए महिलाओं को सूचना के अधिकार के अंतर्गत एक आवेदन लगाना होगा। उसके बाद विभाग को 15 दिन में सही जानकारी देनी होगी।

केंद्रीय सूचना आयोग ने यह फैसला जोधपुर निवासी रहमत बानो की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। इस महिला ने अपने पति की सैलरी जानने के लिए आवेदन किया था लेकिन विभाग ने तीसरे पक्ष का हवाला देकर जानकारी देने से मना कर दिया था। इसके बाद रहमत बानो ने विभाग के फैसले के खिलाफ केंद्रीय सूचना आयोग में याचिका दाखिल की थी। उसके केस की सुनवाई करते हुए केंद्रीय सूचना आयोग ने आवेदन करने वाली महिला को 15 दिन के अंदर पति की तनख्वाह और दूसरे साधनों से आय का ब्यौरा देने के आदेश दिए है।

केंद्रीय सूचना आयोग ने अपने फैसले में यह जिक्र भी किया कि महिलाएं अपने पति की कुल सैलरी, ग्रॉस सैलरी और टैक्सेबल इनकम के बारे में जानकारी हासिल करने का पूरा अधिकार रखती हैं। इस दौरान केंद्रीय सूचना आयोग ने आईटी विभाग के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें पत्नी को तीसरा पक्ष बताया गया था।