डीएसपी ज्वाली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे पुलिस महानिदेशक; राइट

बीते दिनों कांगड़ा के ज्वाली में पुलिस के साथ जांच में शामिल लड़की की आत्महत्या मामले में राइट फाउंडेशन एनजीओ ने डीएसपी जवाली के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक जिस दिन लड़की ने आत्महत्या की थी उस दिन लड़की सांय 4 बजे से रात तक पुलिस स्टेशन ज्वाली में थी। सबसे हैरानी की बात यह है कि 4 बजे से रात तक लड़की पुलिस के साथ थी और पुलिस को पता ही नही चला कि लड़की ने जहर खा लिया है और पुलिस ने लड़की को बचाने की कोई कोशिश नही की।

इस मामले में मृतक लड़की के माता पिता का वीडियो भी सामने आया है जिसमें उन्होंने ज्वाली पुलिस और डीएसपी पर गंभीर आरोप लगाए है। मृतक लड़की की मां और पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने डीएसपी ज्वाली और पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने और समय पर कानूनी कार्यवाही नही करने के कारण आत्महत्या की है। आत्महत्या करने से पहले मृतक लड़की ने भी डीएसपी ज्वाली, ज्वाली पुलिस और एक महिला पुलिस कर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक को शिकायत मेल द्वारा भेजी थी। वीडियो देखें:

मृतक लड़की के माता पिता

लड़की ने 10 नवम्बर को राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष से सहायता की मांग की थी। राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार द्वारा ज्वाली पुलिस को कॉल करने के बाद ही पुलिस ने मनीष कुमार के खिलाफ 376, 506 और एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज किया था। राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष का कहना है कि यह पहला मामला है जिसमें पुलिस द्वारा प्रताड़ित लड़की ने आत्महत्या कर ली है। लड़की के द्वारा आत्महत्या करने दे दुखी राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि यह पुलिस द्वारा प्रताड़ित करने का पहला मामला नही है। कांगड़ा में ऐसे सैकड़ों केस है जिसमें पुलिस महिलाओं या लड़कियों की शिकायत पर कोई कार्यवाही नही कर रही। कांगड़ा पुलिस के जवान लड़कियों और महिलाओं को सोशल मीडिया से लेकर आम जिंदगी में प्रताड़ित और शोषित करते है। उनकी शिकायत करो तो कांगड़ा पुलिस कोई कानूनी कार्यवाही नही करती। इस मामले में कांगड़ा पुलिस की महिला कर्मी भी पीछे नही है।

राइट फॉउंडेश के अध्यक्ष ने बताया की उन्होंने पुलिस महानिदेशक से तथ्यों, मृतक लड़की की अंतिम मेल और लड़की के साथ गए लोगों के बयानों के आधार पर डीएसपी, महिला पुलिस कर्मी, मनीष कुमार और लड़की को प्रताड़ित करने वाले सभी लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है। उनका कहना था कि अगर पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक कांगड़ा अगर कोई कानूनी कार्यवाही नही करते है तो कांगड़ा में पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी सारी जिमेवारी पुलिस, प्रशासन और सरकार की होगी।