1180 कंपनियों के खिलाफ 350 मामले, 25 लोग गिरफ्तार; जीएसटी फ्रॉड

जीएसटी महानिदेशालय ने जीएसटी चोरी और फर्जी बिल के मामलों में कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। देश में बीते चार दिनों में 1,180 कंपनियों के खिलाफ 350 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए और इन मामलों में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभी जीएसटी महानिदेशालय ने फर्जी बिल और हवाला रैकेट को देखते हुए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और सख्त कर दी गई है।

महानिदेशालय की ओर से जारी व्यक्तव्य के अनुसार यह गिरफ्तारियां कचरे और अलौह धातुओं के मलबे, रेडीमेड कपडे़, कृषि उत्पाद, दूध उत्पादों, मोबाइल, मानव श्रम आपूर्ति सेवाएं, विज्ञापन, सोना, चांदी और निर्माण सेवाओं में फर्जी बिलों पर आईटीसी लेने के बारे है। इन मामलों में शामिल लोगों और संस्थाओं पर जीएसटी चोरी, आयकर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुडे़ आरोप भी लगाए गए हैं। 

जीएसटी महानिदेशालय ने यह कार्यवाही एक साथ दिल्ली, बंगलूरू, मुंबई, लुधियाना, चेन्नई, नागपुर, कोलकाता, गुरुग्राम, अहमदाबाद, सूरत, वड़ोदरा, भिलाई, जोधपुर, हैदराबाद, मथुरा, रायपुर, विशाखापट्टनम, जमशेदपुर, पटना, इंफाल, मेरठ, गुवाहाटी, पुणे, सिलीगुड़ी, भोपाल, भुवनेश्वर आदि कई शहरों में की है। यह कंपनियां और संस्थाएं इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पाने के लिए फर्जी बिल बनाती थी। 

जानकारी की माने तो जीएसटी निदेशालय टैक्स चोरी करने वालों और आईटीसी द्वारा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ और टैक्स चोर और आईटीसी द्वारा धोखाधड़ी करने वाले गिरफ्तार होंगे। इस धोखाधड़ी का फायदा उठाने वालों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत प्रवर्तन निदेशालय भी जांच करेगा।