रिटेल महंगाई दर 7.61; साल के उच्चतम स्तर पर

देश की सरकार और नेता इस साल देश में महंगाई को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे है। हवाई किले तो बहुत बनाए जाते है और गरीबों को बड़े बड़े सपने भी दिखाए जाते है। लेकिन जब बात धरातल पर आती है तो स्थिति बेहद खतरनाक और चिन्ताजनक होती है। यही हुआ है इस साल के अब तक के नौ महीनों में। जहां रिटेल महंगाई दर इस साल की जनवरी में 7.59 फीसदी थी वही रिटेल महंगाई दर अब बढ़ कर 7.61 फीसदी पहुंच चुकी है।

पिछले साल से तुलना करें तो इस साल रिटेल महंगाई 2.99 फीसदी बढ़ी है। रिटेल महंगाई की वृद्धि जल्दी ही आपके घरों में असर दिखाएगी और बहुत सी चीजों के प्रयोग पर आपको रोकेगी। इस हाल में रिजर्व बैंक भी ब्याज की दरें कम नही कर पाएगा और देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना मुश्किल हो जाएगा।

इस साल केवल अगस्त महीने में रिटेल महंगाई की दर 7 फीसदी से नीचे थी। अगस्त से पहले और बाद रिटेल महंगाई दर 7 फीसदी से ऊपर ही रही है। जबकि लॉक डाउन हटाने से रिटेल महंगाई में कमी आनी चाहिए थी। लेकिन यहां उलटा हुआ है। अब मंत्रालय महामारी का बहाना बना कर सरकार को बचाने की कोशिश कर रहा है। और कहा गया है कि महामारी के बाद वाले महीनों के साथ महामारी के महीनों के आंकड़ों की तुलना करना ठीक नही है।