48 घंटों में कोरोना से निपटने का उपाय नही निकाला तो दिया जाएगा धरना- रवि कुमार

हिमाचल में बढ़ते कोरोना केसों पर शिमला के जाने माने समाजसेवक रवि कुमार ने चिंता जाहिर की है और बढ़ते कोरोना के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के विधायकों, मंत्रियों और सरकार को जिमेवार ठहराया है। रवि कुमार का कहना है कि जहां एक तरफ शिमला शहर में रोजाना डेढ़ सौ से 200 लोग कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। दूसरी तरफ पिछले कल एक साथ 11 लोगों की मृत्यु कोरोना से हो गई शहर में सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में कोरोना पॉजिटिव लोगों की लाशें रखने के लिए जगह है या नहीं श्मशान घाट कनलोग में बैटिंग मैं लाशें जलाई जा रही है। शहर मैं खतरा मंडराया हुआ है। अस्पतालों में मरीज रखने के लिए जगह नहीं है। मेडिसिन ओपीडी को बंद करना पड़ा है और घरों में जिनके मौतें हुई है सन्नाटा पसरा हुआ है। एक तरफ हमारे शहरी विकास मंत्री और शिमला शहर के विधायक नाच गाना कर रहे हैं, लड्डू बांट रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि कोरोना मजाक है इनके लिए हालात इतने खराब हो चुके हैं लेकिन इनके पास जिला के अफसरों से बात करने का टाइम नहीं है। मीटिंग करने का टाइम नहीं है। हालात को कैसे सुधारा जाए। इस समस्या से कैसे लड़ा जाए। इनकी सोच को दीमक लग चुका है। साथियों मेरा कोई स्वार्थ नहीं है और मैं इस वक्त बेहद चिंता में हूं। जब अपने परिवार के सदस्य की लाश शमशान घाट में लगी हो और इंतजार में कि कब उसका संस्कार होगा रूह कांप जाती है। लेकिन इतने लापरवाह विधायक और जिम्मेदार पद पर बैठे शहरी विकास मंत्री की हालत देख कर चिंता स्वभाविक है। अब कोई चारा नहीं बचा है। 48 घंटे के अंदर कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोई रणनीति नहीं बनाई जाती और जिला के अधिकारियों पर लगाम नहीं कसी जाती तो मैं मजबूरन उपायुक्त कार्यालय के बाहर अनशन पर बैठ जाऊंगा। इसकी सारी जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी।