सरकाघाट और भद्रवाड़ के प्रिंसिपल को स्कूल में कोरोना संक्रमण पर नोटिस

हिमाचल में कब क्या हो जाए कोई नही जानता। यहां आए दिन कुछ ना कुछ आश्चर्यजनक होता ही रहता है। मंडी के कई स्कूलों में कोरोना फैला; कई शिक्षक और छात्र छात्राएं पॉजिटिव आए। सरकार ने 15 दिन के लिए स्कूल बंद भी करवा दिए लेकिन कोरोना तो फैला है और किसी पर तो दोष लगाना ही पड़ेगा। स्कूल खोलने के आदेश देने वाली सरकार का कोई दोष नही; अब यह स्कूलों के प्रिंसिपल की गलती मानी जाएगी। सरकार के सामने किस की चलती है। स्कूल खुले, कोरोना फैला। कई पॉजिटिव आए और अब जिमेवारी स्कूलों के प्रिंसिपल पर डाल दी गई है।

जानकारी के मुताबिक मंडी के सरकाघाट और भद्रवाड़ के स्कूलों के प्रिंसिपलों को स्कूल में कोरोना फैलने को लेकर नोटिस जारी किए गए है। लेकिन सरकार के गलत फैसले पर कोई कुछ नही कह रहा। जानकारी मिली है कि इस संदर्भ में अलग अलग अध्यापक संघों के पदाधिकारियों ने ऑनलाइन मीटिंग की है और इस प्रकार से भेजे नोटिसों पर विरोध जताया है। अध्यापकों का कहना है कि उनको हर हाल में टारगेट किया जाता है। चाहे वह कोरोना काल में घर बैठे तनख्वाह लेने का हो या फिर ऑनलाइन पढ़ाई के बारे या फिर कोरोना काल में चेकिंग के बारे हो। लेकिन कोई अध्यापकों के लॉक डाउन में बच्चों का डेटा बेस तैयार करने, बच्चों को पढ़ाने, घर घर जाकर चेक करने और बच्चों के भविष्य को बचाने में दिए योगदान के बारे बात नही करता। सभी अध्यापक संघों ने एक जुट होकर प्रधानाचार्यों को भेजे नोटिसों पर कड़ी आपत्ति जताई है और मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नोटिस वापिस लिए जाए।