हिमाचल में पटाखों पर बैन; दो घंटे जला सकेंगे ग्रीन पटाखे

एनजीटी के फैसले की गूंज हिमाचल तक पहुंच गई है। एनजीटी के आदेशों के मुताबिक इस बार दीवाली पर पटाखे नही जलाए जाएंगे। पिछले दिनों एनजीटी के दिए इस आदेश के मध्य नजर कई राज्यों ने पटाखों को बैन कर दिया है। एनजीटी के फैसले के अनुसार हिमाचल में भी दिवाली की रात 8:00 से 10:00 बजे के बीच ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। लेकिन ग्रीन पटाखे जलाने की ही अनुमति होगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जल्दी ही सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इन आदेशों से संबंधित निर्देश जारी करेगा।

हिमाचल के शिमला में पटाखों की भीड़ भाड़ वाले इलाकों में खरीद फरोख्त नही होगी। शिमला में पटाखे बेचने के लिए 12 स्थान चिह्नित किए गए है। शिमला में पटाखे आइस स्केटिंग क्लब, बालूगंज मंदिर, संजौली, नाभा पीडब्लूडी पार्किंग, खलीणी बाइपास, समरहिल ग्राउंड, रेलवे स्टेशन के पास समेत कुल 12 जगहों पर ही बेचे और खरीदे जा सकेंगे। डीसी शिमला ने साफ साफ कहा है कि अगर शिमला में बिना अनुमति और भीड़ वाली जगह पटाखे बेचते या खरीदते पाए गए तो उनके विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि एनजीटी ने वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध व सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे चलाने के लिए दो घंटे की छूट दी है। अति संवेदनशील शहरों के चयन के लिए नवंबर 2019 के वायु प्रदूषण के स्तर को मानक माना जाएगा।

हिमाचल के कोई भी शहर एनजीटी के आदेशों के अनुसार अति संवेदनशील शहरों में नही आता तो ऐसे में पूरे हिमाचल को दो घंटे ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी।