शिमला में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने भारत के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 145वीं जयंती के अवसर पर आज रिज पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्वांजलि अर्पित की। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी की पुण्य तिथि पर उनकी प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित लोेगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल जी की दृढ़ इच्छा शक्ति, संकल्प, समर्पण और कूटनीति से ही यह संभव हो पाया कि भारत आज एकजुट है। सरदार पटेल जी ने खेड़ा और बारदोली में किसानों को एकजुट कर राष्ट्रीय स्वंतन्त्रता आंदोलन खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 1918 का खेड़ा सत्याग्रह किसानों की एकता और अनुशासन का प्रतीक है जबकि उनकी जमीन, संपत्ति और आजीविका के साधन भी जब्त कर लिए गए थे। 

सरदार वल्लभाई पटेल जी ने देश को एक सूत्र में पिरोया

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि भारत 562 अलग-अलग रियासतों में बंटा हुआ था जो अंग्रेजों के कब्जे से तो मुक्त हो गए थे लेकिन उनमें भारी अराजकता और भ्रम फैला हुआ था। सरदार वल्लभाई पटेल जी ऐसी स्थिति में आगे आए और विश्व के इतिहास में इन रियासतों का सबसे उल्लेखनीय एकीकरण किया। उन्होंने भारत की सभी छोटी-बड़ी रियासतों को एकजुट किया। सरदार पटेल की सबसे बड़ी विशेषता और उपलब्धि यह रही कि अपनी सूझ-बूझ से भौगोलिक दृष्टि की विषमताओं, विविध भाषाओं, संस्कृति और परंपराओं वाले इस देश को एक सूत्र में पिरोया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्तमान केंद्र सरकार सरदार पटेल की विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की एक बड़ी पहल की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास देश की एकता को अगले स्तर तक ले जाने के लिए अद्वितीय उत्साह, विश्वास और दृढ़ता है।