नर्सिंग छात्राओं ने की प्रोमोट करने की मांग

आज दिनांक 30 अक्टूबर 2020 को एसएफआई का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त मंडी से मिला और उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिसमें मांग की गई कि पोस्ट बेसिक प्रथम और बीएससी नर्सिंग प्रथम द्वितीय तृतीय वर्ष की छात्राओं की कक्षाएं अक्टूबर 2019 में शुरू हुई थी और जनवरी-फरवरी 2020 में शीतकालीन अवकाश हो गया था। जिस कारण पढ़ाई नहीं हो पाई तथा उसके बाद कोरोना के कारण लॉकडाउन हो गया और अभी तक कक्षा नहीं लगी। अभी परीक्षाएं करवाने की तिथि आ गई है। प्रदेश विश्वविद्यालय के अधीन छात्रों को भी प्रमोट किया गया है। परंतु पोस्ट बेसिक प्रथम वर्ष ओर बीएससी नर्सिंग प्रथम द्वितीय को प्रमोट नहीं किया गया। जब पढ़ाई ही नहीं हुई तो परीक्षाएं भी नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों की किताबें हॉस्टल में ही है। जिस कारण शिक्षा देना मुश्किल हो गया है।दूसरी तरफ नर्सिंग कॉलेज मैनेजमेंट छात्रों को फीस देने के लिए मजबूर कर रहे हैं, पिछले 7 महीने से कॉलेज व हॉस्टल बंद हैं फिर भी फीस मांगी जा रही है और जितनी फीस पहले लगती थी उतनी ही ली जा रही है ।एसएफआई मांग कर रही है की सभी छात्रों को प्रमोट किया जाए और फीस को ना लिया जाए ताकि छात्रों को आर्थिक बोझ ना पड़े। यदि प्रशासन और सरकार इस विषय में संज्ञान नहीं लेती है तो आने वाले समय में एसएफआई सभी छात्रों के साथ मिलकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन को छोड़ेगी।
इस अवसर पर एसएफआई पूर्व राज्य महासचिव सुरेश सरवाल, राज्य कमेटी सदस्य रित्विक, नर्सिंग छात्रा अंशिका, शिल्पा, दिव्यांशी ,प्रिया लतेश, संजीवना इत्यादि ने हिस्सा लिया।