हिमाचल में बर्ड फ्लू पहुंच गया है। इसकी पुष्टि पौंग झील में विदेशी पक्षियों के मरने के बाद पालमपुर और जालंधर से आई रिपोर्ट में हुई है। हालांकि भोपाल से आने वाली रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा कि यह फ्लू का कौन सा प्रकार है।  सोमवार को डीसी कांगडा राकेश प्रजा‍पति ने यह जानकारी दी। डीसी ने पॉल्‍ट्री फार्म में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा जिला कांगड़ा के चार उपमंडल इंदौरा, फतेहपुर, जवाली व देहरा में मुर्गा व अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी है। संबंधित दुकानें आज से आगामी आदेश तक बंद रहेंगी। ये चारों उपमंडल पौंग बांध से सटे हुए हैं। ऐसे में प्रशासन ने यहां अलर्ट जारी किया है।

उपमंडलाधिकारी ज्वाली के आदेशों के मुताबिक पोंग डैम पर आने जाने में पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। लगभग एक किमी के इलाके में कोई आदमी या पशु प्रवेश नही करेगा। अगर कोई आदमी या पशु इलाके में देखे गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

बता दें कि अब तक पौंग झील में 1700 से ज्‍यादा पक्षी मर चुके हैं। जालंधर व पालमपुर से आई रिपोर्ट के मुताबिक बर्ड फ्लू ईवीएन होने की संभावना ज्‍यादा जताई जा रही है। पौंग बांध का एक किलोमीटर क्षेत्र रेड जोन बनाया गया है, इसके अलावा नौ किलोमीटर तक क्षेत्र सर्विलांस जोन बनाया गया है।

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