अपहृत 12 साल की लड़की के मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में देश की राजधानी के कापसहेड़ा थाना प्रभारी अनिल मलिक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए लड़की को बरामद कर ऑनलाइन सेक्स रैकेट का खुलासा किया था और दो महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

जिला पुलिस उपायुक्त इंगित प्रताप सिंह ने थाना प्रभारी के लाइन हाजिर किए जाने की पुष्टि की है। जनवरी माह में कापसहेड़ा इलाके में रहने वाली 1य साल की लड़की का अपहरण कर लिया गया। कापसहेड़ा थाना पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया, लेकिन जांच के मामले में उनका ढीला ढाला रवैया रहा। 

उधर बृहस्पतिवार को राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने इस मामले को सुलझाने का दावा किया और लड़की को मजनू का टीला इलाके से बरामद कर लिया। जांच में खुलासा हुआ कि अगवा करने के बाद लड़की को देहव्यापार में धकेल दिया गया था लड़की दिल्ली के कई होटल में गई। वहीं आरोपी लड़की को लेकर बिहार भी गए थे। 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कापसहेड़ा थाना पुलिस देह व्यापार का पर्दाफाश करना तो दूर लड़की को भी ढूंढ नहीं पाई। मामले की जांच में लापरवाही बरतने का दोषी ठहराते हुए जिला पुलिस उपायुक्त ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। 

देशभर में चलाते थे एस्कॉर्ट सर्विस, ऑनलाइन पैमेंट लेते थे 
आरोपी डेढ़ सौ व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रैकेट चला रहे थे और ग्राहकों से ऑनलाइन पैमेंट लेते थे। गैंग का फरार एक सदस्य हरियाणा से अवैध शराब लेकर बिहार में सप्लाई करता है। एक बार वह अपहृत लड़की को लेकर बिहार गया था। पुलिस फरार गैंग के दो सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। 

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