महाकाल मंदिर के गर्भ गृह में जलहरी को बदलने के कार्य के दौरान दुर्लभ व प्राचीन सिक्के मिले हैं। मंदिर में शिवलिग के साथ बनी जलहरी को बदलकर यहां नई स्थापित की जा रही है। शिवलिग के आसपास खोदाई की गई तो प्राचीन जलहरी व 100 से अधिक सिक्के निकले। इनमें अधिकतर सिक्के तांबे के हैं। स्थानीय युवक विक्रमजीत ने बताया कि कुछ सिक्कों को देखकर लग रहा है कि ये सैकड़ों साल पुराने हैं। कुछ सिक्के राजाओं के समय के लग रहे हैं। मंदिर के पुजारी पंडित राम मिश्रा ने बताया कि मंदिर काफी पुराना है। कई साल पहले शिवलिग के साथ पत्थर की जलहरी होती थी। उस समय शिवलिग व जलहरी के बीच का कुछ हिस्सा खाली होता था।

लोग जब यहां सिक्के चढ़ाते थे तो अंदर चले जाते थे। यहां काफी गहराई तक सिक्के मिले हैं। ये सिक्के दुर्लभ व प्राचीन हैं। मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि इन सिक्कों को मंदिर के संग्रहालय में रखा जाएगा तथा पुरात्तव विभाग से इनके बारे में जानकारी ली जाएगी। इससे यह भी पता चल सकता है कि मंदिर कितने वर्ष पुराना है।

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