विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज(चुराह) के खिलाफ याचिका दायर; भेजे 29-29 लाख के नोटिस

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष एवं चुराह के भाजपा विधायक हंस राज के द्वारा वकीलों के अपमान का मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। हंस राज को को सीपीसी धारा 80 के अंतर्गत 29-29 लाख के नोटिस भेजे गए है और सीजेएम न्यायालय चंबा में आपराधिक मानहानि की याचिकाएं दायर की गई हैं। धारा 80 सीपीसी के अंतर्गत हंस राज को दो माह का समय दिया गया है और यह भी कहा गया है कि अगर वह दो माह के भीतर यदि वह राशि अदा नही करते तो हंस राज के खिलाफ न्यायालय में 29-29 लाख के मानहानि के केस दायर किए जाएंगे। यह याचिका अधिवक्ताओं के खिलाफ झूठी टिप्पणी और अपशब्द का प्रयोग करने के लिए दायर की गई हैं।

जिला बार एसोसिएशन चंबा ने पहले भाजपा विधायक हंस राज को वकीलों पर की गई झूठी टिप्पणियों और अपशब्दों के प्रयोग के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। लेकिन हंस राज ने माफी नही मांगी। माफी मांगने के लिए दिया समय समाप्त होने पर याचिकाएं दायर की गई हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपी मल्होत्रा कहा कि संवैधानिक पद पर आसीन होकर हंसराज की ऐसी टिप्पणी चिंतनीय है। हंसराज ने चंबा के दो अधिवक्ताओं को न्यायालय में प्रेक्टिस छोड़कर राजनीति करने की सलाह दी थी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपी मल्होत्रा ने कानूनी जानकारी देते हुए आगे बताया कि एक अधिवक्ता प्रेक्टिस के साथ-साथ चुनाव लड़ सकता है और विधायक तक बनने के बाद भी वह प्रेक्टिस कर सकता है। उन्होंने हंस राज पर तंज कसते हुए कहा कि चुराह केवल भंजराडू या तीसा तक नही है। राजवंश के दौरान चुराह बजारत हुआ करता था।

अधिवक्ता नरेश रावत और जय सिंह भी चुराह विधानसभा के स्थायी निवासी हैं। ऐसे में वे चुराही ही हुए। उन्होंने कहा कि जिला बार एसोसिएशन चंबा विधानसभा उपाध्यक्ष की टिप्पणी व अभद्र शब्दों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन और राष्ट्रीय बार एसोसिएशन में भी जा सकती है।

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