कांगड़ा पुलिस द्वारा प्रताड़ित दलित पीड़िता ने खाया जहर; मौत

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कांगड़ा में 8 साल से दुराचार की शिकार दलित लड़की की टांडा मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ 8 साल से संबंध था। लड़का लड़की के साथ शादी करने का वादा करता रहा और उसका शोषण करता रहा। 8 साल में लड़की ने उस लड़के के लिए दो रिश्ते तोड़े और उसके लिए वफादार रही। लड़के ने कही और रिश्ता कर लिया। लेकिन लड़की को कहता रहा कि वह उसके साथ ही शादी करेगा और लड़की के साथ दुराचार करता रहा। लेकिन कुछ समय पहले लड़के ने लड़की को यह कह कर शादी करने से इनकार कर दिया कि वह लड़की दलित है तो उसके साथ शादी नही कर सकता।

पीड़िता एक पुलिस महानिदेशक को लिखा मेल

लड़की 7 नवंबर को पुलिस में लड़के की शिकायत करने गई। लेकिन वहां पुलिस वालों ने लड़की की शिकायत पर कोई कार्यवाही नही की। 9 नवम्बर को पुलिस वालों ने लड़की पर दबाब बनाया कि पैसे ले ले और केस दर्ज ना करे। लड़की ने इस बारे पुलिस महानिदेशक को भी मेल के माध्यम से शिकायत भेजी थी। जिसमें लड़की ने साफ साफ़ लिखा है कि एक महिला पुलिसकर्मी ने लड़की को पैसे लेकर केस ना करने को कहा और डीएसपी ज्वाली ने बुरी तरह प्रताड़ित किया। आरोपी पक्ष ने भी लड़की को पुलिस थाने में डराया धमकाया था। जिसके चलते लड़की ने 10 नवम्बर को जहर खा लिया। लड़की को पूरा दिन पुलिस द्वारा थाने में रखा गया। किसी ने लड़की की ओर ध्यान नही दिया। रात को जब लड़की को मेडिकल के लिए ले जाया गया तो डॉक्टर ने लड़की की हालत देखते हुए टांडा रेफेर कर दिया और आज लड़की की मौत हो गई।

यह पूरा मामला पुलिस की अनदेखी और लापरवाही का है। लड़की के परिवार का कहना है कि अगर पुलिस सही से और समय पर कार्यवाही करती तो आज हमारी बेटी जिंदा होती। महिला पुलिसकर्मी, डीएसपी और आरोपी पक्ष के लोगों द्वारा दबाब बनाने से आहत लड़की ने आत्महत्या कर ली और लड़की की मौत की जिमेवार कांगड़ा पुलिस है। अब देखना यह होगा कि पुलिस अधीक्षक विमुक्त रंजन इस केस में डीएसपी के खिलाफ क्या कार्यवाही करेंगे।

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