अदर सर्विसेस चार्जेज क्यों लेते है का पता नही; और बढ़ा दिए कनेक्शन चार्ज

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हिमाचल के लोग अभी कोरोना संकट से मुक्त नही हुए ना ही जिनकी नौकरी छूटी है उनकी रोजी रोटी का कोई साधन बन पाया है। लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपनी आय बढ़ाने का काम लगातार जारी रखा है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार ने बस किराया वृद्धि की, प्रॉपर्टी पंजीकरण में वृद्धि की, फिर बिजली के बिलों में बढ़ोतरी की, सीमेंट के रेट बढ़ाए ताकि प्रदेश में कोरोना संकट में भी आम जनता से पैसा निकाला जा सके। अभी आम आदमी इन वृद्धियों को समझ भी नही पाया है कि हिमाचल में नया बिजली कनेक्शन लगाने में वृद्धि का मामला सामने आ गया है। अब हिमाचल में नया बिजली का कनेक्शन तीन से चार गुणा महंगा होगा। राज्य बिजली बोर्ड ने घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों पर एडवांस कंज्यूमर डिपॉजिट में भारी वृद्धि कर दी है। घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए अब 360 रुपये प्रति किलोवाट की जगह 1158 रुपये देने होंगे। औद्योगिक कनेक्शन प्रति केवीए एक हजार से बढ़ाकर 4882 रुपये हो गया है। लघु एवं सूक्ष्म उद्योग से लेकर स्ट्रीट लाइट, वाटर पंप और अस्थायी मीटरों की राशि में भी भारी बढ़ोतरी की गई है। 
जबकि राज्य बिजली बोर्ड पहले ही प्रदेश की जनता को बहुत पूरी तरह लूट रहा है। हिमाचल में राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष द्वारा आरटीआई एक्ट में मांगी जानकारी में अदर सर्विसेज चार्जेज और मीटर रेंट के बारे संतोषजनक जबाब देने में राज्य बिजली बोर्ड असफल रहा था। हिमाचल में राज्य बिजली बोर्ड को यह पता ही नही है कि अदर सर्विसेज चार्जेज और मीटर रेंट लिया क्यों जाता है।

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